Skip to main content

Some good line for life

🎵🎵 Nice Line..! 🎵🎵

🎵मिली थी जिन्दगी,
किसी के 'काम' आने के लिए ।🎵

🎵पर वक्त बित रहा है,
कागज के टुकड़े कमाने के लिए ।🎵

🎵क्या करोगे,
इतना पैसा कमा कर..???🎵

🎵ना कफन मे 'जेब' है,
ना कब्र मे 'अलमारी..!'🎵

🎵और ये मौत के
फ़रिश्ते तो 'रिश्वत' भी नही लेते ।🎵

🎵खुदा की मोहब्बत
को फना कौन करेगा ?🎵

🎵सभी बंदे नेक
तो गुनाह कौन करेगा ?🎵

🎵"ए खुदा मेरे इन दोस्तो
को सलामत रखना...🎵

🎵वरना मेरी सलामती
की दुआ कौन करेगा ?🎵

🎵और रखना मेरे
दुश्मनो को भी मेहफूस...🎵

🎵वरना मेरी तेरे पास
आने की दुआ कौन करेगा ?"🎵

🎵खुदा ने मुझसे कहा, "इतने दोस्त
ना बना तू , धोखा खा जायेगा"🎵

🎵मैने कहा "ए खुदा, तू ये मेसेज
पढनेवालो से मिल तो सही,🎵

🎵तू भी धोखे से
दोस्त बन जायेगा ."🎵🎵

🎵नाम छोटा है
मगर दिल बडा रखता हु ।🎵

🎵पैसो से
उतना अमीर नही हु ।🎵

🎵मगर अपने यारो के गम
खरिद ने की हैसयत रखता हु ।🎵

🎵मुझे ना हुकुम का ईक्का बनना है
ना रानी का बादशाह ।🎵

🎵हम जोकर ही अच्छे है
जिस के नसीब में आऐंगे, 🎵

🎵बाज़ी पलट देंगे।
        ♣ ♥ ♠ ♦ 🎵
.

Comments

Popular posts from this blog

Bewafai and boyfriend change hurt touching lines

Cigarette की ख़ास बात पता है क्या है। इसकी आदत कब लग जाती है पता ही नहीं चलता। पर जब कभी आप अकेले होते हैं और कहीं मन नहीं लग रहा होता तो Cigarette ही साथ देती है। जब आप Cigarette जलाते हैं तो बड़ा अच्छा लगता है कुछ एक कश तक पर आखिर तक आते आते होंठ, गला, छाती सब जलने लगते हैं पर इसका साथ नहीं छूट पाता। तब Cigarette कड़वी लगने लग जाती है और आप फेंक देते हैं उसे किसी ऐसे कोने में जहाँ से कोई चीज कभी वापिस उठाई नहीं जाती। पता नहीं क्यों मुझे लगता है कभी कभी हम सब किसी न किसी की जिंदगी में Cigarette की तरह रहे होते हैं। जैसे कि मैं रहा कुछ साल तुम्हारी ज़िन्दगी में और एक दिन तुमने फेंक भी दिया इस बुरी आदत से तौबा करने की कसम खाकर। . . . . पर एक बात कहूँ . . मैं cigarette पीता हूँ और इसीलिए जानता हूँ कि तुम फिर जलाओगी एक Cigarette ... बस कुछ वक़्त की और बात है..

Funny shadi joke

एक आदमी घर पर DVD देख रहा था और जोर जोर से चीखने लगा  .....😨 नहीहिहिहिहिहिहिहिहिहिहिहिह!!!!!!!!😱 घोड़े🐎 पर से मत उतर.. पागल मत उतर .. ये एक चाल है!! यहाँ जाल बिछा है।। कुत्ते की मौत मरेगा साले.. ...

Bachpan

: हमारे बचपन में कपड़े तीन टाइप के ही होते थे ••• स्कूल का ••• घर का ••• और किसी खास मौके का ••• अब तो ••• कैज़ुअल, फॉर्मल, नॉर्मल, स्लीप वियर, स्पोर्ट वियर, पार्टी वियर, स्विमिंग, ज...