एक आदमी को गैस की बीमारी थी ।
वो बहुत परेशान था, ना कही आता था
ना कही
जाता था।
एक बार किसी वजह से उसे अपने बहन के
घर जाना
पड़ा।
बहन के घर जाते समय रास्ते मे सोचने
लगा
कि एक 5 साल का भान्जा है उसके लिए
क्या लेके
जाऊँ?
.
फिर एक दुकान से क्रीम वाला बिस्किट
ले
लिया,
घर पहुँचते ही भान्जे ने देखा तो- मामा
आ
गये , मामा आ गये करते हुए
पास आया।
.
मामाजी जेब से बिस्किट निकालकर जैसे
ही उसे
देने के लिए झुके, जोर की आवाज के साथ
गैस
निकल गयी।
अब तो हुई मुसीबत।
वो 5 साल का बच्चा बिस्किट
फेँककर जमीन पर लेटकर रोने लगा।
मामा ने उसे उठाकर पुछा- क्या हुआ
क्युँ रो रहे हो?
.
तो बच्चा और जोर से रोने लगा।
मामा ने उसे गोद मे
लेकर प्यार से पुछा- क्या चाहिए बेटा,
क्युँ रोते हो?
*
वो बच्चा रोते हुए बोला- हमको
बिस्किट नही
चाहिए, वो बाजा चाहिए जो
आपने अभी अभी
बजाया है ॥
Cigarette की ख़ास बात पता है क्या है। इसकी आदत कब लग जाती है पता ही नहीं चलता। पर जब कभी आप अकेले होते हैं और कहीं मन नहीं लग रहा होता तो Cigarette ही साथ देती है। जब आप Cigarette जलाते हैं तो बड़ा अच्छा लगता है कुछ एक कश तक पर आखिर तक आते आते होंठ, गला, छाती सब जलने लगते हैं पर इसका साथ नहीं छूट पाता। तब Cigarette कड़वी लगने लग जाती है और आप फेंक देते हैं उसे किसी ऐसे कोने में जहाँ से कोई चीज कभी वापिस उठाई नहीं जाती। पता नहीं क्यों मुझे लगता है कभी कभी हम सब किसी न किसी की जिंदगी में Cigarette की तरह रहे होते हैं। जैसे कि मैं रहा कुछ साल तुम्हारी ज़िन्दगी में और एक दिन तुमने फेंक भी दिया इस बुरी आदत से तौबा करने की कसम खाकर। . . . . पर एक बात कहूँ . . मैं cigarette पीता हूँ और इसीलिए जानता हूँ कि तुम फिर जलाओगी एक Cigarette ... बस कुछ वक़्त की और बात है..
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