पत्नी : मेरी शराफत देखो ..
मैंने तुम्हे देखे बिगर ही शादी कर ली ...
पती : और मेरी शराफत देखो....
मैंने देख कर भी इन्कार नहीं किया....
..........................................
पत्नी : फोन पे इतनी धीमी आवाज में किससे बात कर रहे हो ?
पती : बहन है..!
पत्नी : तो फिर इतनी धीमी आवाज में किस लिए?
पती : तेरी है, इस लिए ..
..........................................
पत्नी : सुनो जी, अगर आपके बाल इसी रफ़्तार से झड़ते रहे तो मैं तुम्हे तलाक़ दे दूँगी!!
पती: या अल्लहा, और मैं पागल इनको बचानेकी कोशिश कर रहा था.....
..........................................
पत्नी : तुम सारी दुनिया ढूँढो, तो भी मुझ जैसी दूसरी नहीं मिलेगी .....
पती : तुम क्या समझती हो? मैं दूसरी भी तुम्हारी जैसी ढुँढूगा ..! हद्द हो गयी..
..........................................
Cigarette की ख़ास बात पता है क्या है। इसकी आदत कब लग जाती है पता ही नहीं चलता। पर जब कभी आप अकेले होते हैं और कहीं मन नहीं लग रहा होता तो Cigarette ही साथ देती है। जब आप Cigarette जलाते हैं तो बड़ा अच्छा लगता है कुछ एक कश तक पर आखिर तक आते आते होंठ, गला, छाती सब जलने लगते हैं पर इसका साथ नहीं छूट पाता। तब Cigarette कड़वी लगने लग जाती है और आप फेंक देते हैं उसे किसी ऐसे कोने में जहाँ से कोई चीज कभी वापिस उठाई नहीं जाती। पता नहीं क्यों मुझे लगता है कभी कभी हम सब किसी न किसी की जिंदगी में Cigarette की तरह रहे होते हैं। जैसे कि मैं रहा कुछ साल तुम्हारी ज़िन्दगी में और एक दिन तुमने फेंक भी दिया इस बुरी आदत से तौबा करने की कसम खाकर। . . . . पर एक बात कहूँ . . मैं cigarette पीता हूँ और इसीलिए जानता हूँ कि तुम फिर जलाओगी एक Cigarette ... बस कुछ वक़्त की और बात है..
Comments
Post a Comment